पर्यावरण, स्वास्थ्य और सुरक्षा

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मिशन

हमारी सभी रिफाइनरियों में प्लांट्स और अन्य परिसर के आसपास हर समय सुरक्षित, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त वातावरण, और जहॉं हमारी गतिविधियॉं चलती है, उन क्षेत्रों में, सभी कर्मचारियों, उनके परिवारों और समुदायों में जागरूकता निर्माण होना।

पर्यावरण नीति

कॉर्पोरेशन अपने परिचालन का संचालन इस तरह से करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जो पर्यावरण के अनुकूल हो और जिससे समाज का आर्थिक विकास हो। इसका उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सम्मान निर्माण करना है| इसके लिए प्रशिक्षण के द्वारा पर्यावरण सुधार में हर कर्मचारी की भागीदारी पर जोर दे कर पर्यावरण जागरूकता निर्माण करना और पर्यावरण सम्मान सुनिश्चित कराना है।

स्वास्थ्य नीति

कॉर्पोरेशन की उत्पादकता और प्रभावशीलता के लिए आवश्यक, महत्वपूर्ण "मानव संसाधन" का स्‍वास्‍थ्‍य संवर्धन और देखरेख करने के लिए एक संरचित कार्यक्रम प्रदान करना।

सुरक्षा नीति

एचपीसीएल का मानना है कि व्यापार में कोई भी काम या सेवा या गतिविधि इतनी महत्वपूर्ण या तत्काल नही हैं कि सुरक्षा की अनदेखी हो या उसके साथ कोई समझौता हो। कर्मचारियों तथा जनता की सुरक्षा, उनकी तथा कॉर्पोरेशन की संपत्ति की सुरक्षा सर्वोपरि है। कॉर्पोरेशन मानता है कि उत्पादकता बढ़ाने और राष्ट्रीय घाटे को कम करने के लिए सुरक्षा महत्वपूर्ण है। कॉर्पोरेशन अपने संचालन में सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने और उन्‍हें प्राप्त करने का लगातार प्रयास करेगा।

नयी पहल

एचपीसीएल अपने सभी ऑपरेटिंग स्थानों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण की देखभाल के उच्च मानकों को बनाए रखता है| निगम यह सुनिश्चित करता है कि अपने बढते कारोबार का स्वास्थ्य और पर्यावरण के मानकों पर बुरा असर ना हो और वह भी शून्य व्यावसायिक चोटों, परिचालन घटनाओं और पर्यावरण विज्ञप्ति के अपने दीर्घकालिक लक्ष्य की दृष्टि खोए बिना।

एचपीसीएल अपना व्यापार करते समय पर्यावरण संरक्षण, स्थायी विकास, सुरक्षित जगह काम और कर्मचारियों के जीवन की गुणवत्ता को सुधारने, ग्राहकों और समुदाय को समृद्ध करने के लिये प्रतिबद्ध है। सुरक्षा के उच्च मानकों को प्राप्त करने के लिये, व्यावसायिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को सुधारने के लिए स्थापित प्रणालियों और प्रक्रियाओं में लगातार सुधार किये जाते है।

एचपीसीएल अच्छी तरह से सभी प्रमुख स्थानों को स्वास्थ्य देखभाल की सुविधाओं /व्यवस्थाओं से सुसज्जित किया गया है। एचपीसीएल ने व्यावसायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया है और व्यावसायिक स्वास्थ्य से संबंधित सभी मुद्दों पर एचपीसीएल ने नज़र रखी है।

एचपीसीएल ने अनेक वर्षों में इसकी सुरक्षा के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया है| दोनों रिफाइनरियों की सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को लगातार मे.डीएनवी द्वारा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा रेटिंग प्रणाली (आईएसआरएस) के तहत ऑडिट किया जाता है| मुंबई रिफाइनरी और विशाख रिफाइनरी ने पहले से ही स्तर 6 से 8 स्तर पर तरक्की की है।

रिफाइनरियों में SO2 जैसे प्रदूषकों का उत्सर्जन वर्ष 1984 से लेकर आज तक 60 टीपीडी से कम होकर 25 टीपीडी हो गया है। विभिन्न प्रकार की प्रक्रिया और उत्पाद के अलावा 4.5 एमएमटीपीए से 13 एमएमटीपीए क्षमता में वृद्धि के बावजूद यह फर्क दिखाई दिया है।

एचपीसीएल ने पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकियों का बीड़ा उठाया था। जैसे कि तीन तेल निष्कर्षण इकाइयों में फिनाइल से बदलकर एनएमपी द्रावक का इस्तेमाल करना और हेक्सेन उपचारित प्लांट में ओलियम से एनएमपी में बदलाव की काफ़ी सरहाना की गयी है।

मानक ब्यूरो 2000 / यूरो II मानदण्डों के अनुसार डीजल में से सल्फर को 1.0% से 0.05% तक कम करने लिए डीजल डीसल्फराइजेशन की सुविधा दोनों रिफाइनरियों में है।

एचपीसीएल ने यूरो III डीज़ल और पेट्रोल के उत्पादन की प्रक्रिया में वर्गीकरण के लिए अपनी रिफाइनरियों में "हरे ईंधन" परियोजनाएं शुरू की हैं। यह 2750 करोड़ रूपए की परियोजना है| राष्ट्रीय नीति के अनुसार ईंधन की गुणवत्ता यूरो III और यूरो IV मानकों को पूरा करने के लिए यह योजना शुरू की गयी है| यह परियोजनाएं जल्द ही पूरी हो जाएंगी।

दोनों रिफाइनरियों ने क्रूड टैंक की गंदगी को साफ़ करने के लिए मेसर्स बामर अॅन्ड लॉरी अॅन्ड कंपनी लिमिटेड के सिटु बाल्को तकनीक का उपयोग किया है।

रिफाइनरियों से पेट्रोलियम उत्पादों के 75% से भी अधिक उत्पादों को पाइपलाइनों के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा है। उत्पादों की निकासी के लिए सड़क परिवहन पर निर्भरता कम हुई है| इसके कारण ऑटो में से कम धुंआ निकलता है।

कचरे के प्रबंधन के नियमों के अनुसार अलग अलग बचा हुआ कचरा, तेलयुक्त कीचड़ और बिना तेल के कचरे को अलग किया जाता है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कचरा जमा करने और उसे निपटाने के लिए सुविधाएं प्रदान की है| भविष्य में प्रस्तावित तरल प्रवाह के मानदंडों का पालन करने के लिए, विद्यमान ईटीपी-I और ईटीपी -II के साथ नए ईटीपी को शामिल किया गया है| इसमें कीचड़ पर पुर्नप्रक्रिया करने के साथ साथ मेम्ब्रेन बायो रिएक्टर भी है और टीटीपी ने इसे मंजूरी दी है| और मुंबई रिफाइनरी में इसका कार्य तेज़ गति से चल रहा है।

परिवेश की वायु गुणवत्ता पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है और राष्ट्रीय परिवेश वायु गुणवत्ता मानक के अनुसार इसको संभाला जा रहा है।

धुंए से निकलने वाले सभी तरह के प्रदूषक जैसे कि CO, NOx, HC, SO2, SPM को बाहर निकाला जाता है।

दोनों रिफाइनरियों के पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली की फिर से लेखा परीक्षा की गयी है और ISO-14001 के सुधारित मानकों के अनुसार इसे सन्मानित किया गया है।

सभी 44 एलपीजी प्लांट ISO 9001:2000,38 प्लांट ISO 14001 और 21 प्लांट OHSAS:18001 से प्रमाणित हैं।

68 पिओएल स्थान (2008 से ) ISO 9001 से मान्यता प्राप्त , 32 स्थान ISO 14001 और 12 स्थान ISRS और 3 स्थान OHSAS 18001 से प्रमाणित हैं।

रिफाइनरियों, विपणन स्थापनाओं और आवासीय कालोनियों के आसपास के क्षेत्र में पूर्णत: हरियाली है।

पुरस्कार:

निगम ने सुरक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं। और उत्कृष्टता के लिए निगम की सराहना की गयी है।

मुंबई रिफाइनरी:

मुंबई रिफाइनरी ने निम्नलिखित सुरक्षा और पर्यावरण पुरस्कार जीते हैं:

  • 6 साल लगातार मुंबई रिफाइनरी को ग्रीनटेक फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा 'पर्यावरण उत्कृष्टता' श्रेणी के तहत वर्ष 2008 के लिए " ग्रीनटेक अवार्ड" से सम्मानित किया गया है।
  • 2 साल लगातार मुंबई रिफाइनरी को विश्व पर्यावरण फाउंडेशन (डब्ल्यूईएफ) और आयओडी (आईओडी), नई दिल्ली द्वारा पर्यावरण प्रबंधन प्रणालियों में उत्कृष्टता के लिए “स्वर्ण मयूर पुरस्कार 2007" से सम्मानित किया गया है।

विशाख रिफाइनरी :

विशाख रिफाइनरी ने निम्नलिखित सुरक्षा और पर्यावरण पुरस्कार जीते हैं:

  • ग्रीनटेक फाउंडेशन नई दिल्ली की तरफ़ से 'पर्यावरण उत्कृष्टता' श्रेणी में वर्ष 2007 के लिए " सिल्वर ग्रीनटेक अवार्ड " पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
  • विशिष्ट ऊर्जा खपत में सुधार के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा स्थापित "जवाहर लाल नेहरू शताब्दी पुरस्कार ", रिफाइनरी द्वारा जीता गया था।
  • वर्ष 2007 के लिए पेट्रोलियम क्षेत्र में ऊर्जा संरक्षण के लिए उच्च प्रौद्योगिकी केन्द्र नई दिल्ली द्वारा प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

विपणन कार्यस्थल :

विपणन स्थान ने निम्नलिखित सुरक्षा व पर्यावरण पुरस्कार जीते हैं:

  • तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय पुरस्कार - 2006-07 रसोई गैस और ल्यूब्स आपरेशन के एसबीयू के लिए
  • हसन टर्मिनल के लिए ग्रीनटेक पर्यावरण उत्कृष्टता गोल्ड अवार्ड 2007
  • मंगलौर टर्मिनल के लिए व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन में उत्कृष्टता के लिए "स्वर्ण मयूर पुरस्कार 2007
  • ग्रीन टेक फाउंडेशन पुरस्कार 2007 बेटकुची डिपो के लिए
  • बजबज टर्मिनल के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार 2006
  • रजत ग्रीन टेक सुरक्षा पुरस्कार 2007- सालावास डिपो और सांगनेर के लिए
  • ग्रीन टेक सुरक्षा पुरस्कार 2007 - लोनी, नासिक, रायपुर जतनी, हजारीबाग और पटना रसोई गैस के लिए
  • एनएससी महाराष्ट्र अध्याय पुरस्कार 2006, महाराष्ट्र में छह संयंत्र स्थानों के सुरक्षित संचालन के लिए यह पुरस्कार दिया गया है
  • स्वर्ण मयूर अभिनव पुरस्कार 2007 - चेन्नई के लिए इंस्टीट्यूशन के निदेशक द्वारा दिया गया
  • "सुरक्षा अभिनव पुरस्कार 2007" इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (भारत) की तरफ़ से सान्ताक्रुज़ (ASF) के लिए है
  • इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (भारत) पालम एएससफ़ के लिए सुरक्षा अभिनव पुरस्कार 2007
  • पर्यावरण उत्कृष्टता रजत पुरस्कार 2007 ग्रीनटेक फाउंडेशन सान्ताक्रुज़ (ASF)के लिए है
  • पर्यावरण उत्कृष्टता गोल्ड अवार्ड 2007 ग्रीनटेक फाउंडेशन पालम (ASF) के लिए