अनुसंधान और विकास

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एचपीसीएल ने अभिनव एवं पथ-प्रदर्शक तकनीकों एवं उत्पादों को विकसित करने के लिए 2016 में बेंगलुरू, भारत में अपने प्रतिष्ठित ‘एचपी ग्रीन आरएंडडी सेंटर’ स्थापित किया। केंद्र की स्थापना भारत के गार्डेन सिटी बेंगलुरू के पूर्वी छोर पर स्थापित किया गया है औए यह आईटीपीएल/ह्वाइट फील्ड से 15 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। एचपी ग्रीन आरएंडडी सेंटर 104 एकड़ कैंपस में कई चरणों में निर्मित किया गया है। आरएंडडी सेंटर के प्रथम चरण में एफसीसी/आरएफसीसी, हाइड्रोप्रोसेसिंग, कैटलाइसिस, बायोप्रोसेस, क्र्यूड इवैलुएशन एवं फ्यूल अनुसंधान, एनलास्टिकल, प्रोसेस मॉडलिंग एवं सिमुलेशन तथा नैनोतकनीक शामिल है जो उत्कृष्ठ अनुसंधान सुविधाओं एवं उपकरणों से निर्मित है। आरएंडडी सेंटर को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग से मान्यता प्राप्त है और भारत तथा विदेश के अनुसंधान संस्थानों से जुड़ा हुआ है।
  1. एचपीजीआरडीसी - उपलब्धियां

    एचपीसीएल आरएंडडी सेंटर ने रिफाइनरियों में उत्कृष्ठ तकनीकों एवं उत्पादों के विकास एवं व्यापारीकरण के लिए प्रमुख तकनीकों को शामिल किया है जिससे एचपीसीएल में महत्वपूर्ण लागत लाभ और क्षमता सुधार हुआ है।

    नए तकनीकों एवं उत्पादों का प्रस्तुतीकरण 19
    भारतीय पेंटेट्स फाइल किया गया 115
    अंतर्राष्ट्रीय पेंटेंट्स फाइल किया गया 143
    स्वीकृत पेटेंट्स (भारतीय, यूएस, यूरोप, जापान) 56
    अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन 42
  2. एचपीजीआरडीसी – नई तकनीकें

    • एचपी – एचआईगैस तकनीक:एचपीसीएल ने गैस समाहन / पृथक्करण एप्लिकेशन के लिए नई पीढ़ी के ‘एचपी-एचआईगैस’ तकनीक को विक्रित किया है। यह तकनीक ‘प्रोसेस इंटेंसिफिकेशन’ पर आधारित है और उच्च केंद्रीय प्रक्रिया वाले रोटेटिंग पैक्ड बेड के माध्यम से व्यापक अंतरण को मजबूत करता है। अपने तरह के प्रथम व्यापारिक इकाई को फ्यूल गैस से एच2एस को निकालने की प्रक्रिया के लिए एचपीसीएल विशाख रिफाइनरी में लगाया गया था। वर्तमान पारंपरिक ट्रेड कालम (23 मी.) को 2.5 मी. से बदला गया। एचआईगैस यूनिट आकार में 10 गुना से कमी को अर्जित किया। इस तकनीक में रिफाइनरी फ्यूल गैसों और प्राकृतिक गैस ऑफशोर ट्रीटमेंटसे एच2एस, सीओ2 समाहन के लिए काफी क्षमता है। View BrochurePDF File Opens in a new window
    • हाइड्रोजन पीएसए तकनीक:प्रेसर स्विंग एडसॉर्ब्शन (पीएसए) गैसों के मिश्रण से हाइड्रोजन के शुद्धिकरण के लिए व्यापक रूप से प्रयोग में लाया जाता है। इस तकनीक को पूरे विश्व में बहुत ही कम विदेशी लाइसेंस धारकों द्वारा प्रस्तावित किया जाता है और सभी तकनीकी पक्ष को काफी समीप से सुरक्षित रखा जाता है। एचपीसीएल ने एच2पीएसए तकनीक को विकसित और व्यापारीकरण किया और 36000 एनएम3/घंटे की क्षमता के पहली इकाई को एचपीसीएल विशाख रिफाइनरी में स्थापित किया जो सीसीआर ऑफ-गैस फीड से 99.5% एच2 का उत्पादन करता है। वर्तमान पीएसए इकाइयों में समाहन बदलाव सफलता पूर्वक किया गया।View BrochurePDF File Opens in a new window
    • स्प्रे मैक्स एफसीसी फीड नोजल:फीड नोजल एफसीसी इकाई का एक महत्वपूर्ण हार्डवेयर है जो लिक्विड फीड को फाइनर ड्रॉपलेट्स में स्वतः बदल देता है। यह अपेक्षित वाष्पफेज प्रतिक्रिया बढ़ाने में सहायक है। इन नोजलस की आपूर्ति के तकनीकी लाइसेंसरों द्वारा ही किया जाता है। एचपीसीएल ने एफसीसी इकाई के लिए “स्प्रेमैक्स”को विकसित किया है और एचपीसीएल मुंबई एवं विशाख रिफाइनरी में इसका सफलता पूर्वक व्यापारीकरण किया है। “स्प्रेमैक्स” नोजल के व्यापारीकरण की अवधारणा विभिन्न चरणों से गुजरा है जैसे डिजाइन अवधारणा, प्रोटोटाइप नोजल के साथ एयर वाटर परीक्षण एवं सीएफडी अध्ययन। इसका लाभ कंवर्सन में 1-2% बृद्धि, सुधारित एमओसी, न्यूनतम हार्डडवेयर सुधार के साथ साइट डिजाइन के अनुकूल तथा डिलिवरी मे कम समय लगना है।View BrochurePDF File Opens in a new window
    • कैट विस्ब्रेकिंग तकनीक:एचपीसीएल ने फ्यूल ऑयल में स्थिरता बनाए रखते हुए विस्ब्रेकर इकाई में शोधन लाभ को बढ़ाने के लिए कैट-विस्ब्रेकिंग प्रक्रिया को विकसित किया है। एचपीसील द्वारा विकसित विसकैट कैटलिस्ट विस्ब्रेकिंग इकाई में कंवर्सन को बढ़ाने में सहायक है और उससे फ्यूल ऑयल उत्पादन में कमी आती है। इसे एचपीसीएल विशाख रिफाइनरी बिस्ब्रेकिंग इकाई मे सफलता पूर्वक प्रदर्शित किया गया। विस कैट एक लिक्विड कैटलिस्ट है और बहुत कम पेबैक के साथ वर्तमान विस्ब्रेकर इकाई में लागू करने के लिए आसान है।View BrochurePDF File Opens in a new window
    • [एचपी]2 एफसीसी तकनीक:एफसीसी इकाई ने 3-5 डबल्यूटी% प्रोपिलेन का उत्पादन किया है, तथापि मार्केट में प्रोपिलेन का लगातार प्रगति हुआ है। एचपीसीएल आरएंडडी ने अपने अंदर ही उच्च एफसीसी तकनीक को विकसित किया है जैसे-[एचपी] 2 एफसीसी तकनीक जो अपने प्रोप्राइटरी कैटलिस्ट, प्रोसेस और आर-आर सेक्शन हार्डवेयर पर आधारित 20डबल्यूटी% प्रोपिलेन से अधिक का उत्पादन किया है। [एचपी] 2 एफसीसी का प्रोप्राइटरी कैटलिस्ट सिस्टम टेलर है जो हलकेओलेफिंस के लिए उच्च सेलेक्टिविटी से बना है। [एचपी] 2 कैटलिस्ट का परीक्षण सफलतापूर्वक एचपीसीएल मुंबई और विशाख रिफाइनरी के एफसीसी इकाई में 10 से 15% इंवेंट्री मे परिवर्तन करके किया गया। आगे का तकनीकी मापन/प्रस्तुतीकरण एचपीसीएल में प्रगति पर है।View BrochurePDF File Opens in a new window
    • एचपी - टीएसए तकनीक:टेंपरेचर स्विंग एड्सॉर्प्शन (टीएसए) तकनीक का प्रयोग विभिन्न अप्लिकेशनों के लिए रिफाइनरियों में किया जाता है जैसे प्रोसेस गैस को सुखाने, उत्पाद सुखाने और हवा सुखाने के लिए। इस तकनीक को प्रमुख रूप से विदेशी आपूर्तिकर्ताओं को लाईसेंस दिया जाता है। एचपी आरएंडडी ने कार्बन डाइआक्साइड और आर्द्रता को निकाल कर हवा के शोधन के लिए अपने अंदर ही एचपी-टीएसए तकनीक को विकसित किया है। ट्रीटेड एयर का आगे क्रायोजनिक नाइट्रोजन के उत्पाद को प्रोसेस किया जाता है। लागत प्रभावी समाहन सिस्टम को बदलकर इस तकनीक का प्रस्तुतीकरण एचपीसीएल विशाख रिफाइनरी सीएनयू में किया गया।
    • एचपी-सीओएसओएल प्रोसेस:एचपीसीएल आरएंडडी ने सॉल्वेंट एक्ट्रैक्शन इकाई में ल्यूऑयल लाभ में सुधार के लिए उच्च सेलेक्टिव एचपी सीओएसओ1 प्रोसेस को विकसित किया है। यह प्रोसेस एन-मेथिल्पायरोलिडोन (एनएमपी) के साथ को-सॉल्वेंट वाले मिश्रित साल्वेंट का प्रयोग करता है और इसे कम से कम मिश्रित सॉल्वेंट के खुराक के साथ एचपीसीएल मुंबई रिफाइनरी में लागू किया गया। व्यापारिक प्लांट परीक्षण से क्रमशः 500 एन डिस्टिलेट एवं डि-अस्फाल्टेड ऑयल (डीओए) प्रचालन के लिए महत्वपूर्ण ल्यूब लाभ सुधार का परिणाम आया है। प्रोसेस पोलिसाइक्लीन एयरोमैटिक हाइड्रोकार्बस (पीएएच) को हटाने के लिए उच्च परिणामकारक है। ल्यूब रैफिनेट में बेस केस की तुलना में पीएएच में 2-3 डबल्यूटी% कम पाया गया जो लो पीएएच रबर प्रोसेस ऑयल उत्पादन में ब्लेंडिंग स्टॉक के रूप में उपयोगी होगा।View BrochurePDF File Opens in a new window
  3. एचपीजीआरडीसी - नया उत्पाद

    • एचपी फर्नओकरे:फर्नेस ट्यूब स्केलिंग प्रायः हमेशा रिफाइनरियों में समस्याएं पैदा करता है, जो बहुत समय से एक मोटा जमा हो गया है। यह ट्यूब्स के उष्मा अंतरण क्षमता को कम करता है और त्वचा के तापमान को अधिकतम निर्धारित तापमान तक पहुंचा देता है। इसके समाधान के लिए एचपीसीएल ने अपने अंदर ही इकाई को बिना बंद किए स्केल्स को हटाने के लिए फर्नेस ट्यूब्स को ऑनलाइन साफ करने के लिए रासायनिक फार्मुलेशन विकसित किया है। उत्पाद को सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया गया है और एमआरपीएल, ओएमपीसीएलऔर आईओसीएल-मथुरा सहित एचीपीसीएल मुंबई एवं विशाख रिफाइनरियों के लगभग 25 फर्नेसों में लागू किया गया है। View BrochurePDF File Opens in a new window
    • एचपी बायो-एक्टिवा:एचपीसीएल अ.एवं वि ने रिफाइनरी एफ्लुएंट के शोधन के लिए नए बायो एडिसिव को विकसित किया है। नए विकसित उत्पाद में माक्रोबिएल गतिविधियों को बढ़ाने क लिए आवश्यक पौष्टिकों के साथ अपनाए गए माइक्रोबिएल कंसिर्टिया शामिल है। एचपी-बायो एक्टिवा का अतिरिक्त शक्ति जैविक सिस्टम को पुनर्जिवित करेगा जिससे बीओडी, सीओडी और फेनॉलिक्स के स्तर में कमी आएगी। नए विकसित बायो-एडिसिव को एचपीसीएफ रिफाइनरियों और एचएमईएल भटिंडा दोनों में लागू किया गया है जिसने शॉक लोड्स क्लोराइड्स, सल्फरस तत्वों और अमोनिया के होते हुए भी संघातीय गतीविधि को दर्शाया है।View BrochurePDF File Opens in a new window
    • एचपी ड्यूसर:रिफाइनरियों में फिक्स्ड बेड रिएक्टर्स बंदी मामलों के लिए बहुत अधिक कारण हैं जिससे रिएक्टरों के दाब को बढ़ाता है और फीड थुआउट को कम करता है। एचपीसीएल के एचपी ड्यूसर ने हाइड्रोप्रोसेसिंग रिएक्टरों में सॉलिड जमा होने के बारे में समाधान प्रदान करता है। उत्पाद को एचपीसीएल के विशाख रिफाइनरी के डीएचडीएस रिएक्टरों मे सफलता पूर्वक प्रस्तुत किया गया है। इसका प्रमुख लाभ लागत में कमी, दीर्घता एवं सक्षमता है जिसके परिणाम स्वरूप रसायनों की कुल खपत में कमी हुई है। View BrochurePDF File Opens in a new window
    • एचपी-रेजर:ऑक्सी-एसिटिलेन अभी भी धातुओं को काटने के लिए पहली पसंद है। यद्यपि यह खर्चीला और भंडारण और निपटान में कठिनाई भरा है। अन्य ऑक्सी-फ्यूल (जैसे एलपीजी, प्राकृतिक गैस इत्यादि) की प्रमुख कमी कम फ्लेम तापमान को माना जाता है। अपने “मेक इन इंडिया” अभियान के अंग के रूप में एचपीसीएल ने उत्कृष्ठ एलपीजी तत्व-एचपी-आईपीसीए को विकसित किया है जो न केवल फ्लेम के तापमान में सुधार करेगा अपितु एलपीजी और आक्सीजन दोनों की खपत को भी कम करेगा। नया एलपीजी, एचपी-रेजर एसिटिलेन से काफी सस्ता है और आरआईएनएल, विशाखापट्टनम में विभिन्न धातु काटने के लिए लिए सफलता पूर्वक प्रयोग में भी लाया गया है। View BrochurePDF File Opens in a new window
    • एचपी-कॉर्मिट:पाइपलाइन परिवहन में क्षरण एक प्रमुख समस्या है जिससे गैसों और इंधनों का रिसाव होता है और प्रायः इससे बड़ी दुर्घटना हो जाती है। इस समस्या को कम करने के लिए बहुत कम खुराक स्तर (पीपीएम) पाइप लाइनों में कोरोशन इन्हिबिटर्स (सीआई) को डाला जाता है जो सुरक्षा परत बनाकर पाइपलाइन के आंतरिक सतह की सुरक्षा करता है। एचपी जीआरडीसी ने द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी), गैसोलीन, डीजल इत्यादि जैसे फ्यूल्स के लिए उत्कृष्ठ, उच्च क्षमता वाले कोरोसन इन्हिबिटर, एचपी- कॉर्मिट को विकसित किया है। एचपी-कॉर्मिट को एक वर्ष से एचपीसीएल के एमएचएमएसपीएल (एलपीजी पाइपलाइन) में सफलता पूर्वक लागू किया है।View BrochurePDF File Opens in a new window
    • एचपी-डीएलए:सल्फर तत्व डीजल में चिकनेपन का प्राकृतिक वाहक है। तथापि बढ़ते हुए पर्यावरणीय चिंता के समाधान के लिए डीजल सल्फर स्तर (बीएस IV / यूरो IV में 50 पीपीएम से बीएस IV / यूरो VI में 10 पीपीएम तक) पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिसके परिणाम स्वरूप डीजल के चिकनेपन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है जिसे बाहरी तत्वों को डालकर प्रतिपूर्ति किया जाता है। एचपीसीएल ने घरेलू अरिरिक्त तत्व एचपी-डीएलए के नए उत्पाद को विकसित किया है। अतिरिक्त तत्व सस्ता है और पारंपरिक तत्व के ऊपर महत्वपूर्ण सुधार को दर्शाता है} एचपी-डीएलए को एचपीसील के मुंबई एवं विशाख रिफाइनरियों में सफलता पूर्वक लागू किया गया है। इस तत्व में महत्वपूर्ण भविष्य की क्षमता है क्योंकि धीरे-धीरे लोअर सल्फर स्तर की ओर जाने से चिकनेपन के तत्व की खपत में बृद्धि होगी।View BrochurePDF File Opens in a new window
    • एचपी - थर्मोप्रो:रिफाइनरी प्रक्रिया उपकरण में त्रुटि एक सामान्य समस्या है जिससे गंभीर आर्थिक हानि होती है। इस समस्या का समाधान हाल ही में विदेशी वेंडरों द्वारा प्रस्तावित किया गया और वे विशिष्ट प्रक्रिया पर आधारित हैं। एचपीसीएल आरएंडडी ने एक उत्कृष्ठ एवं कम लागत का हीट एक्सचेंजरों में त्रुटि को कम करने के लिए त्रुटिरोधक जैसे एचपी-थर्मोप्रो को विकसित किया है। फार्मूले से त्रुटि को रोकने में सहायता मिलती है जिससे निर्धारित व्यापारिक लक्ष्य से अधिक निष्पादन होता है। उत्पाद को एचपीसीएल के विशाख रिफाइनरी में क्रूड-साइड तथा एसआर-साइड प्रीहीट एक्सचेंजरों में सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया गया। इसका प्रमुख लाभ यह है कि यह सिंगल फार्मुलेशन है जो सभी प्रकार के क्रूड्स और हीट एक्सचेंजरों के लिए प्रभावी है।View BrochurePDF File Opens in a new window
    • एचपी – न्यूट्मैक्स:क्रूड शोधन इकाइयों में ओवरहेड सिस्टम में क्षरण एक बड़ी समस्या है जो क्रूड ऑयल में क्लोराइड नमक के हाइडोलिसिस से उत्पन्न एचसीएल के कारण होता है। इस क्षरण को कम करने के लिए क्रूड इकाई के ओवरहेड सेक्शन पर न्युट्रिलाइजिंग अमाइन्स का प्रयोग किया जाता है। एचपीसीएल अ.एव वि. द्वारा न्युट्रिलाइजिंग क्षमता, नमक की घुलनशीलता और क्षरण दर को ध्यान में रखते हुए एक उत्कृष्ठ एवं सस्ते न्युट्रिलाइजिंग अमाइन्स अर्थात एचपी-न्यूटमैक्स को विकसित किया गया है। उत्पाद को व्यापारिक उत्पादों की तूलना में कम खुराक (लगभग 25% कम) के बेहतर निष्पादन के साथ एचपीसीएल विशाख रिफाइनरी के सीडीयू मे सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया गया है।
    • एचपी – बायोरेमिडिया:एचपी-बायोरेमिडिया कीचड़ में हाइड्रोकार्बन के संवर्धित डिग्रेडेशन के लिए एचपीसीएल के आरएंडडी द्वारा विकसित एक माइक्रोबायल बायो तत्व है। नए विकसित उत्पाद में प्रमुख रूप से महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन कन्वर्सन क्षमता के साथ माइक्रोबायल कंसोर्टिया शामिल है जिसे आर्गैनिक वाहक सामग्री पर रोककर स्थिर किया जाता है। विशाख रिफाइनरी में प्रारंभिक परीक्षण से पता चलता है कि ~3-5% ऑयल तत्व के साथ हाइड्रोकार्बन कीचड़ पर एचपी-बायोरेमिडिया के प्रयोग से यह 90 दिनों के अंदर अपनी पूर्णता पर पहुंच गया।
    • एचपी-ट्राई प्रोसेस:एचपीसीएल आरएंडडी ने पर्यावरण के अनुकूल रबर ऑयल के उत्पादन के लिए एचपी ट्राई के सुधारित प्रक्रिया को विकसित किया है। ट्राई-ट्रीटेड रेसिड्यू एरोमैटिक तत्व एक टायर उद्योग में प्रयुक्त एक एरोमैटिक टाइप का रबर प्रोसेस ऑयल है। एचपी-ट्राई प्रोसेस ल्यूब ऑयल से पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक (पीसीए) एक्ट्रैक्शन के लिए बहुत उपयोगी है। ट्राई ग्रेड रबर प्रोसेस ऑयल के उत्पादन के लिए मुंबई रिफाइनरी में व्यापारिक परीक्षण किया गया। एचपी-ट्राईप्रोसेस से पारंपरिक प्रोसेस की तूलना में 0.7-0.8 डबल्यूटी% तक पॉली साइक्लिक एरोमैटिक तत्वों को कम करता है जिसके परिणामस्वरूप रबर प्रोसेस ऑयल के संपूर्ण उत्पादन लागत में कमी आई है। इस प्रक्रिया से पारंपरिक प्रोसेस की तूलना में 2-3 डबल्यूटी% अधिक रैफिनेट लाभ होता है।
    • पावर 99:विशेष रूप से स्पोर्ट्स और लग्जरी कारों में उच्च ऑक्टेन रेटिंग के साथ मोटर स्पिरिट की मांग बढ़ रही है जहां फ्यूल को उच्च कंप्रेशन अनुपात में रहने की जरुरत पड़ती है। इसको ध्यान में रखते हुए एचपीसीएल ने भारत में उच्च ऑकटेन मोटर स्पिरिट, पावर 99 को विकसित और आरंभ किया है जिसका ऑक्टेन रेटिंग 99 है जो देश में अब तक का सर्वोच्च है। कम नॉकिंग के अलावा पावर 99 बेहतर फ्यूल क्षमता भी देता है और कम उत्सर्जन उत्पन्न करता है। उत्पाद को बेंगलुरू, विशाखापट्टनम, नई-दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद जैसे 13 शहरों में शुरु किया गया है।
    • एचपी - सैन:एचपी-सैन एक सस्ता क्विक हैंड रब / सैनिटाजर फार्मुलेशन है जो त्वचा की सुरक्षा के लिए प्रभावी आर्द्रता, रंग और इत्र के माध्यम से अच्छा महसूस कराता है। सतह की बैक्टिरिया को मारने के लिए व्यापक फार्मुलेशन की तूलना में इसकी क्षमता एवं दीर्घावधि गतिविधि परिणाम अच्छा रहा है। तैयार फार्मुलेशन को एचपीसीएल के विभिन्न कर्मियों, (आरएंडडी, विपणन, एलपीजी, क्षेत्रीय कार्यालयों इत्यादि) सुरक्षा कर्मियों, कॉमको आउटलेटों पर तथा बेंगलुरू पुलिस को वितरित किया गया है.View BrochurePDF File Opens in a new window
  4. तकनीकी सेवाएं

    एचपीसीएल आरएंडडी के पास हाइड्रोट्रीटिंग, एफसीसी, रिफार्मिंग, आयसोमराइजेशन तथा अन्य प्रक्रियाओं जैसे विभिन्न रिफाइनिंग प्रक्रियाओं के लिए अनुसंधान आधारित सेवाएं प्रदान करने के लिए उत्कृष्ठ सुविधाएं उपलब्ध हैं। केंद्र विभिन्न पायलट प्लांटों, माइक्रो रिएक्टरों, विश्लेषक उपकरणों और प्रोसेस मॉडल से सुसज्ज है जिसे व्यापारिक एफसीसी, डीजन हाइड्रोट्रीटिंग, नाफ्ता हाइड्रोट्रीटिंग इकाइयों में प्रयोग के पूर्व वेंडरों द्वारा आपूर्ति किए जाने पर नए कैटलिस्ट के चयन के दौरान व्यापक रूप से प्रयोग में लाया जाता है। एचपीसीएल आरएंडडी रिफाइनरियों को विभिन्न सेवाएं भी प्रदान कर रहा है जैसे क्रूड ईजी एवैलुएशन, रिफाइनरी स्ट्रीम का सल्फर स्पेशिएशन, कैटलिस्ट टीओएस अध्ययन इत्यादि।